Saturday, 1 May 2021

मेहनतकश-गीत



मेहनतकश उठ होश में आ, 
हाथ में झंडा लाल उठा। 
उठ जुल्म का नाम निशान मिटा, 
उठ होश में आ, बेदार हो जा 
ये झंडा तुझसे कहता है, 
दिन-रात जुल्म क्यों सहता है? 
खामोश सदा क्यों रहता है?
उठ जुल्म का नामो-निशान मिटा,
उठ होश में आ, बेदार हो जा

ये नया जंग है शुरू हुआ,
मजदूरों का किसानों का 
उठ होश में आ, बेदार हो जा 
होशियार हो जा, होशियार हो जा 
उठ होश में आ. बेदार हो जा

गीत सुनने के लिये नीचे लिंक क्लिक करें

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