Showing posts with label मेहनतकश. Show all posts
Showing posts with label मेहनतकश. Show all posts

Saturday, 1 May 2021

मेहनतकश-गीत



मेहनतकश उठ होश में आ, 
हाथ में झंडा लाल उठा। 
उठ जुल्म का नाम निशान मिटा, 
उठ होश में आ, बेदार हो जा 
ये झंडा तुझसे कहता है, 
दिन-रात जुल्म क्यों सहता है? 
खामोश सदा क्यों रहता है?
उठ जुल्म का नामो-निशान मिटा,
उठ होश में आ, बेदार हो जा

ये नया जंग है शुरू हुआ,
मजदूरों का किसानों का 
उठ होश में आ, बेदार हो जा 
होशियार हो जा, होशियार हो जा 
उठ होश में आ. बेदार हो जा

गीत सुनने के लिये नीचे लिंक क्लिक करें

१९५३ में स्टालिन की शव यात्रा पर उमड़ा सैलाब 

*On this day in 1953, a sea of humanity thronged the streets for Stalin's funeral procession.* Joseph Stalin, the Soviet Union's fea...