जहां तिरंगा झंडा राष्ट्रवाद का प्रतीक है, वही लाल झंडा शोषितों और पीड़ितों की अन्तर्राष्ट्रीय एकता और आकांक्षा का प्रतीक है.
इस अंतर्राष्ट्रीयता के युग में, जहां किसान और मजदूर के संघर्ष अंतराष्ट्रीय चरित्र अख्तियार कर चुके है, वहां वे अपन ध्येय अंतर्राष्ट्रीय एकता के बिना हासिल नहीं कर सकते है, अतः इस तरह के प्रतीक (लाल झंडा) अनिवार्य है!
● सहजानंद सरस्वती
इस अंतर्राष्ट्रीयता के युग में, जहां किसान और मजदूर के संघर्ष अंतराष्ट्रीय चरित्र अख्तियार कर चुके है, वहां वे अपन ध्येय अंतर्राष्ट्रीय एकता के बिना हासिल नहीं कर सकते है, अतः इस तरह के प्रतीक (लाल झंडा) अनिवार्य है!
● सहजानंद सरस्वती
