शासकों की अक्षमता,अयोग्यता और जनसामान्य के प्रति पूर्ण उपेक्षा के चलते क़हर बने कोरोना से जनता जो दुःख,यंत्रणा और पीड़ा भोग रही है; निरीहता,क्रंदन और बदहवासी का जो आलम है; ऐसे में इस दुष्ट और पाखंडी शासन के प्रधान को इस भयंकर आफ़त की सारी ज़िम्मेवारी से बचाते हुए इसका चेहरा चमकाने में लगे इसके भांड़ पत्रकारों और इस पिशाच को पाक-साफ़ साबित करने में दिन-रात लिप्त फ़ासिस्ट आइ० टी० सेल में सोद्देश्य उत्पादित ऊलजलूल तर्कहीन जनद्रोही मेसेजों को धड़ाधड़ फ़ॉर्वर्ड करने में व्यस्त बज्रमूर्खों को देखकर ऐसा लगता है जैसे कोई सुअर गू खा रहा है।
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