Sunday, 23 August 2020

मेरे बेटे के नाम आख़िरी चिट्ठी' से

बीजों में, धरती में, सागर में भरोसा करना,
मगर सबसे अधिक लोगों में भरोसा करना।
बादलों को, मशीनों को, और किताबों को प्यार करना, 
मगर सबसे ज्यादा लोगों को प्यार करना।
ग़मज़दा होना 
एक सूखी हुई टहनी के लिए,
एक मरते हुए तारे के लिए, 
और एक चोट खाए जानवर के लिए,
लेकिन सबसे गहरे अहसास रखना लोगों के लिए।
खुशी महसूस करना धरती की हर रहमत में --
अँधेरे और रोशनी में,
चारों मौसमों में,
लेकिन सबसे बढ़कर लोगों में। 

-नाज़िम हिकमत ('मेरे बेटे के नाम आख़िरी चिट्ठी' से)

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