Friday, 10 June 2022

सन 1931 की जातीय जन गणना के परिणाम


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  तब के बिहार-ओडिशा के कुछ संयुक्त आंकड़े देखकर अनुमान लगा लीजिए। 
  अब तक किस जाति की जनसंख्या बढ गई होग़ी और किसकी घटी होगी 
बाद में जब जातीय जनगणना होगी तो उसके परिणामों से अपने इस अनुमान को मिला लीजिएगा
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सुरेंद्र किशोर
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 सन 1931 में आखिरी बार जातियों के आधार पर जनगणना हुई थी।
दूसरे विश्व युद्ध के कारण भारत में सन 1941 में जनगणना
नहीं हो सकी।
1947 में देश आजाद हो गया और स्वतंत्र भारत की सरकार ने जातियों के आधार पर गणना बंद कर दी।
आरोप है कि बंद करने के पीछे उसका निहितस्वार्थ रहा।
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 एक बार फिर जातियों के आधार पर जनगणना की मांग हो रही है।
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मेरे पास पूरे देश का तो नहीं किंतु 1931 की जनगणना के अनुसार बिहार-ओडिशा की प्रमुख जातियों की जनसंख्या का विवरण उपलब्ध है।
1931 में ओड़िशा भी बिहार का ही अंग था।
इन आंकड़ों से पूरा तो नहीं किंतु मोटा -मोटी इस बात का अनुमान लगाया जा सकता है कि विभिन्न जातियों की आबादी आज लगभग कितनी हो चुकी होगी।
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यदि जातियों के आधार पर कभी गणना फिर शुरू हुई तो उसके आंकड़ों को ही सटीक माना जा सकेगा।
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बिहार-ओड़िशा--1931 जनगणना
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ग्वाला - 34 55 141
(इसमें अहीर,गोप व यादव शामिल हैं।)
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ब्राह्मण - 21 01 287
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कुर्मी - 14 52 724
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राजपूत --14 12 440
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कोइरी --13 01 988
चमार-- 12 96 001
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दुसाध--12 90 936
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तेली --12 10 496
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(बाभन)भूमिहार-8 9 5 6 0 2
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कायस्थ --3 83 435 
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धानुक--5 47 308 
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धोबी- 4 14 221 
हजाम - 4 56 779
मल्लाह - 4 59 560
कहार- 5 24 030 
कान्दू- 5 06 384
केवट- 4 71 389
कुम्हार- 5 99 038
तांती - 6 89 791
बनिया- 2 20 071
बढई-3 63 794
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स्रोत -- बिहार पिछड़ा वर्ग आयोग की रपट-जिसके अध्यक्ष मुंगेरी लाल थे।
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नोट--ऊपर दी गई सूची पूर्ण नहीं है।
मैंने कुछ ही जातियों की तब की संख्या लिखी है।
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इस पृष्ठभूमि में केंद्र के आखिरी कांग्रेस मंत्रिमंडल के सदस्यों का जाति वार ब्योरा।
उसके बाद कांग्रेस को कभी लोक सभा में पूर्ण बहुमत नहीं मिला।
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1988 के केंद्रीय मंत्रिमंडल में जातिगत स्थिति
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जब कांगे्रस की पूर्ण बहुमत वाली सरकारें केंद्र या राज्य में बनती थीं तो 
मंत्रिमंडल में विभिन्न जातियों को कितना -कितना प्रतिनिधित्व मिलता था ?
कम से कम एक सरकार का तो आंकड़ा मिला है।
राजीव गांधी मंत्रिमंडल का यह आंकड़ा 14 फरवरी, 1988 का है।
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  उस राजीव गांधी मंत्रिमंडल की जातिगत स्थिति
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ब्राह्मण-15
पिछड़ा--5
ईसाई-3
अनुसूचित जाति-9
मुसलमान-4
सिख-1
वनवासी-3
ठाकुर-2
अन्य ऊंची जाति-11
अन्य-6
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