पीएमसी बैंक घोटाला याद है न आपको , उस बैंक को एक बिलकुल नए बने बैंक 'यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक' (यूएसएफबीएल) में विलय कर दिया गया......दो सालों से आरबीआई, PMC बैंक के रिजॉल्यूशन पर काम कर रहा था, और अब वो घड़ी आ गई है जहां उसके देनदारो को भुगतान किया जा सके, भुगतान की योजना के मुताबिक, पहले चरण के भुगतान में सभी योग्य डिपॉजिटर्स को डिपॉजिट इंश्योरेंस क्रेडिट गारंटी स्कीम (DIGC) के तहत 5 लाख रुपये तक की राशि मिलेगी।
यानी अभी सिर्फ पांच लाख ही मिलेंगे वो भी दो तीन सालो में....... और जिसका पांच लाख से ज्यादा जमा था उसे 10 सालों की अवधि में उन्हें धीरे-धीरे भुगतान किया जाएगा। उन्हें अगले पांच सालों तक PMC बैंक में जमा राशि पर कोई ब्याज भी नहीं मिलेगा। पांच साल के बाद 2.75 फीसदी सालाना के साधारण ब्याज का हर साल के अंत में बची हुई राशि पर भुगतान किया जाएगा।
PMC Bank के ग्राहकों को बैंक के इस फाइनल रेज्योलूशन से ऐतराज है और इस फैसले से नाराज PMC Bank के ग्राहकों ने कोर्ट जाने का फैसला किया है।
लेकिन यह स्टोरी यही खत्म नहीं होती है दरअसल जिस बैंक में PMC बैंक का मर्जर किया जा रहा है उसे सेंट्रल फाइेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (Centrum Financial Services Limited) और भारतपे (BharatPe) के कंसोर्टियम ने मिलकर तैयार किया है भारत में यह पहली बार है जब दो कंपनियों ने मिलकर बैंक खोला है.
यह एक स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) है. इसका नाम यूनिटी रखा है. यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक के चेयरमैन पद के लिए पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) विनोद राय के नाम को मंजूरी दे दी है। विनोद राय वही है जिन्होंने टू जी घोटाले का जिन्न खड़ा किया था........भारतपे और उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और सह-संस्थापक अशनीर ग्रोवर पर भी कई सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
@गिरीश मालवीय
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