आज हिंदी चैनलों में भी साउथ फ़िल्मों की धूम मची है । काला, असुरन, जय भीम जैसे सामाजिक सरोकारों की फिल्मों के बाद अब 'श्याम सिंघा रॉय' साउथ फ़िल्म इंडस्ट्री की एक और देन है। हर किसी को यह फ़िल्म जरूर देखनी चाहिए । आज हम भले ही अपने देश में विश्व गुरु होने का तमग़ा लगा लें । पर यह बात किसी से नहीं छिपी है कि जातिवाद, छुआछूत जैसी बुराइयां आज भी इस देश में फलफूल रही हैं ।
'श्याम सिंघा रॉय' फ़िल्म में सुपरस्टार नानी, कृति शेट्टी, साई पल्लवी और मैडोना सेबेस्टियन मुख्य भूमिका में हैं । यह फ़िल्म आंशिक रूप से 1970 के दशक की घटनाओं पर आधारित है । जो जातिवाद और देवदासी जैसी कुप्रथा को प्रमुखता से उज़ागर करती है, इन पर गहरा प्रहार करती है । इसके साथ-साथ यह फ़िल्म शिक्षा, संविधान और अहिंसा के महत्व पर भी प्रकाश डालती है ।
इस फ़िल्म में नायक के डॉयलोग्स जबरदस्त हैं । फ़िल्म के दो डायलॉग👇
१) "पानी और हवा प्रकृति की देन है, इस पर धर्म का ठप्पा मत लगाओ । यहाँ पर ये घर्म का नंगा नाच नहीं चलेगा ।
२)" कोई लड़की किसी की दासी नहीं, और किसी को दासी बनाने वाला भगवान नहीं होता । ये घटिया प्रथा भगवान की आड़ में चलाई जा रही है।"
फ़िल्म के सभी कलाकारों के साथ-साथ फ़िल्म निर्देशक राहुल सांकृत्यायन की जितनी तारीफ़ की जाए कम है । सभी को , शुभकामनाएं और बधाई ।
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