एक अंधेरी रहस्यमयी सुरंग
सुरंग के अंत में हैं कुछ तहखाने
इन्हीं तहखानों में छिपा कर रखे गए हैं कुछ पिंजरे
जिनमें क़ैद हैं दुनिया की सबसे खूबसूरत-परिवर्तनकामी आत्माएं
इन पिंजरों की सुरक्षा में तैनात हैं
एक विशालकाय जिन्न
हथियार-बंद जिन्नों की एक अंधी फौज
इन पिंजरों को छूने तो क्या
देखने की भी इजाज़त नहीं
क्योंकि पिंजरों को छूने या देखने का मतलब है
आत्माओं तक पहुंच जाना
और उन्हें आजाद कर देना
जो अभी तक जिंदा हैं
जिन्हें मारने के सारे प्रयास निष्फल रहे
वे मरी नहीं
वे बची हुई हैं आज भी
संघर्षरत नताशाओं की इंतजार में
*(संघर्षरत बेटियों के नाम)*
*-जयपाल*
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