Sunday, 6 February 2022

गांधी की हत्या के मुख्य षड्यंत्रकार सावरकर का प्रशंसक होना, बाबरी मस्जिद तोड़ कर मंदिर बनाने का स्वागत करना कोई राजनैतिक अज्ञान नहीं है

यह एक ऐसी विचारधारा का समर्थन है जो खुद के धर्म के श्रेष्ठता के सिद्धांत को सही साबित करती है और दूसरे धर्मों को मानने वाले लोगों को दूसरे दर्जे का नागरिक बनाकर रखने की राजनीति का आधार बनती है

यह विचारधारा हिंसा को जन्म देती है और इसका अंत एक धर्म के लोगों द्वारा दूसरे धर्म के लोगों के जनसंहार तक पहुंचती है

अगर आप करोड़ों लोगों के जनसंहार तक पहुंचाने वाली विचारधारा के समर्थक है

तो मुझे आपके सिर और आपके हाथों पर खून दिखाई देता है

जो विचारधारा करोड़ों नौजवानों को जाहिल हिंसक दंगाई बना दें जो पीढ़ियों को तबाह कर दे जो पूरे एक मुल्क को बर्बाद कर दे और उसके भविष्य को नष्ट कर दे

अगर आप उस विचारधारा को मानने वाले हैं तो मेरी नजर में आपका कोई सम्मान नहीं है

Himanshu Kumar

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